आनंद मठ

आनंद मठ 1870 के दशक में लिखा गया वो कालजयी उपन्यास है जिसकी छाया हमें आज भी नजर आती है जब कोई ये कहता नजर आता है कि हम वंदे मातरम नहीं गायेंगे, ये हमारे धर्म के खिलाफ है। आनंद मठ की पृष्ठभूमि में सन्यासी आंदोलन का संदर्भ है जब बंगाल के मुस्लिम शासन के …

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फक्कड़ घुमक्कड़ के किस्से

हिन्दी दिवस पर मित्र कमल रामवानी सारांश की पुस्तक फक्कड़ घुमक्कड़ के किस्से का स्वाद लिया। आप कहेंगे कि पुस्तक का स्वाद कैसे लिया, घोल के पी रहे थे क्या। तो असल में पुस्तक का नाम फक्कड़ घुमक्कड़ के किस्से भले है पर ये खब्बू घुमक्कड़ के किस्सों से भरी हुई है। पूरी पुस्तक के …

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